4 साल के इस मासूम बच्चे को दी गई उम्र कैद की सजा, कारण जान कर चौंक जायेंगे आप

0
5478
4 साल के इस मासूम बच्चे को दी गई उम्र कैद की सजा, कारण जान कर चौंक जायेंगे आप

आज हम आपको एक मासूम बच्चे की ऐसी खबर से वाकिफ करवाने वाले है, जिसके बारे में जान कर आप चौंक जायेंगे. बता दे कि आज जिस बच्चे के बारे में हम बात करने जा रहे है, उसकी उम्र महज चार साल है. जी हां इस मासूम बच्चे का नाम अहमद मंसूर करनी है. वैसे आपको जान कर हैरानी होगी कि चार साल के इस मासूम बच्चे को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. यक़ीनन ये खबर वास्तव में काफी चौंकाने वाली है, लेकिन ये एकदम सच है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी इस बच्चे की सजा और कानून के फैसले को लेकर इसकी काफी आलोचना की जा रही है.

हालांकि इस बच्चे की गलती के बारे में जान कर जहाँ एक तरफ आपको वहां के कानून पर गुस्सा आएगा, वही दूसरी तरफ इस बच्चे के लिए काफी बुरा भी लगेगा. अब जाहिर सी बात है कि जब चार साल के मासूम को खेलने कूदने के उम्र में ही जेल में बंद कर दिया जाएगा, तो किसी को भी गुस्सा आना लाजिमी है. वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ये बच्चा मिस्र का रहने वाला है. जी हां आप भी सोच रहे होंगे कि इस बच्चे ने ऐसा क्या कर दिया, जो इसे इतनी कठोर सजा दी गई है. तो चलिए आपको इस मामले के बारे में विस्तार से बताते है. गौरतलब है कि मिस्र की अदालत का कहना है कि अहमद पर न केवल चार लोगो जान लेने, बल्कि आठ लोगो की जान लेने की कोशिश करना और पुलिस को धमकाने का संजीदा जुर्म किया है.

बरहलाल मिस्र की अदालत जो कह रही है, वो सब केवल फिल्मो में ही सही लगता है, लेकिन वास्तव में कोई बच्चा ऐसा कर सकता है, इस बात पर यकीन करना जरा सा मुश्किल है. गौरतलब है कि जिस तरह से आप लोगो को यकीन नहीं हो रहा, ठीक वैसे ही वहां रहने वाले लोगो को भी इस बात पर यकीन नहीं रहा था कि इतना छोटा सा बच्चा इतना बड़ा काम कैसे कर सकता है. यही वजह है कि वहां के लोगो ने इसके खिलाफ आवाज उठाई और उनकी इस बगावत ने पुलिस को झुका ही दिया. जी हां दरअसल पुलिस ने इस मामले को लेकर ठीक से जांच पड़ताल ही नहीं की थी और बेवजह ही इस मासूम पर आरोप लगा दिए.

ऐसे में लोगो ने न केवल पुलिस की बल्कि अदालत की भी काफी खिंचाई की. हालांकि बाद में उन्होंने बच्चे के पिता से भी माफ़ी मांग ली थी, लेकिन फिर भी आपको जान कर हैरानी होगी कि इस मासूम बच्चे को बिना किसी कसूर के पूरे एक साल तक जेल में रहना पड़ा. जी हां अब आप खुद सोच सकते है कि इस मासूम के मन पर क्या बीती होगी, जब इसे जेल में डाला गया होगा. अब इसे कानून या पुलिस की गलती न कहे तो और क्या कहे, जो उन्होंने इस बच्चे को बेवजह ही इतनी कड़ी सजा सुनाई. इसके इलावा अगर वहां के लोग इस अन्याय के खिलाफ आवाज नहीं उठाते, तो शायद ये बच्चा आज भी जेल में ही सड़ रहा होता. शायद इसलिए कानून को अँधा कानून कहते है, क्यूकि इसमें सही और गलत देखने की पूरी योग्यता नहीं होती.

बरहलाल हम दुआ करते है कि इस बच्चे ने एक साल का जो समय जेल में गुजारा है, उसके बदले में भगवान् इसे हर ख़ुशी दे.

Loading...