बैन होने के बावजूद भी मेडिकल स्टोर पर खुलेआम बिक रही हैं ये दवाएं.

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प्रदेश में दवा बेचने के लिए सरकार ने औषधि एक्ट बनाकर कई नियम बनाए हैं. साथ ही ऐसी कई दवाइयों को प्रतिबंधित भी किया गया जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। जिले में इन नियमों की धज्जियां उडाई जा़ रही है। वह भी प्रशासन की नाक के नीचे। जिला मुख्यालय पर एसके अस्पताल, जनाना अस्पताल और श्रमदान मार्ग पर कई मेडिकल स्टोर पर सरकारी नियमों का मखौल बनाया जा रहा हैं। पर्याप्त आवाजाही के बावजूद गर्भपात के काम में आने वाली विभिन्न ब्रांडों की दवाइयां खुले आम बेची जा रही हैं जबकी मेडिकल स्टोर पर ये दवाइयां नहीं बेची जा सकती। इतना ही नहीं हैं इन दवाओं को ब्लैक में एमआरपी से अधिक मूल्य पर बेचा जाता हैं। इससे मरीजों को दोहरा नुकसान हो रहा है। जिम्मेदारों ने इनसे आंखें मूंद रखी है।

ग्राहक आने पर देते हैं दवा

मेडिकल स्टोर्स पर ये दवाई छुपाकर रखी जाती हैं। जो ग्राहक के आने के बाद 10 मिनट बाद ग्राहक दी जाती हैं। मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि शहर में ये दवाएं आसानी से मिल जाती हैं लेकिन कीमत ज्यादा वसूल की जाती हैं। इन दवाओं के कारण गर्भ में पल रहे शिशु की हत्या हो जाती हैं।

शर्तो पर बेची जाती हैं ये दवा

ब्लड बैंक और रजिस्ट्रड डीएनसी सेन्टर वाले अस्पताल में चिकित्सक की निगरानी में ही ये दवा दी जाती हैं। एमटीपी प्रशिक्षण लेने वाले और दक्ष चिकित्सक भी इस दवा को नियमानुसार सशर्त उपयोग में ले सकते हैं।

जिम्मेदारों के तर्क

मेडिकल स्टोर पर ये दवा बिक रही हैं तो इनकी जांच करवाकर इनके खिलाफ लाइसेंस निलम्बन की कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार इस तरह की दवाइयां बेचना गलत हैं। इस दवा को बेचने के लिए औषधि एक्ट के अनुसार कई नियमों का पालन करना पड़ता हैं।

डाक्टरी सलाह

इस तरह की दवाओं के लेने के बाद रक्त स्त्राव अधिक होने पर संबंधित की मौत भी हो सकती हैं। रेयर केस में ही ये दवाएं चिकित्सक की निगरानी में दी जाती है।

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