देखिए बॉलीवुड का पहला बोल्ड फोटोशूट, जिसने 50 के दशक में लगा दी थी स्क्रीन पर आग

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देखिए बॉलीवुड का पहला बोल्ड फोटोशूट, जिसने 50 के दशक में लगा दी थी स्क्रीन पर आग

बॉलीवुड में आज हर एक्ट्रेस बोल्ड फोटो शूट कराने के लिए बेताब रहती है। सोशल मीडिया के दौर में एक्ट्रेस अपने फैंस के लिए फोटो शूट कराती रहती हैं। लेकिन जरा आज से 50 साल पहले क्या ऐसा संभव था। जब ज्यादातर लोग फिल्मों में महिलाओं का काम करना अच्छा नहीं मानते थे। उस दौर में जब हिरोइन सिर्फ साड़ी में ही  कैमरे के सामने आती थी उस दौर में एक ऐसी हिरोइन भी हुईं जो न सिर्फ फिल्मों में बोल्ड इमेज के लिए जानी जाती थीं बल्कि उनका एक फोटो शूट देखने के लिए लोगों की लाइन मैग्जीन स्टॉल पर लग जाती थी। जी हां आज हम ऐसी ही हिरोइन के बारे में आपको बताने जा रहे हैं।

याद करिए बॉलीवुड का वो दौर जब फिल्में मनोरंजन से ज्यादा सामाजिक संदेश देने के लिए बनाई जाती थी। वक्त ब्लैक एंड व्हाइट का जमाना था। फिल्मों संस्कार और सामाजिक समस्याओं का बात होती थी। ऐसे वक्त में एक ऐसी हिरोइन बॉलीवुड में पहुंची जिसने सिल्वर स्क्रीन पर आग लगा दी। अच्छी अच्छी हिरोइनें उनके सामने पानी भरती थी। तब भारत में बोल्ड फोटोशूट कराना किसी ने सोचा भी नहीं होगा। लेकिन उस जमाने की हिरोइन बेगम पारा ऐसी एक्ट्रेस थीं जिन्होंने 50वें दशक में भी बोल्ड फोटोशूट कराया था।

ब्रिटिश इंडिया के दौर में झेलम पंजाब में पैदा हुई पारा ने बॉलीवुड में वो काम किया जो कुछ साल पहले तक हिरोइनें करने से डरती थीं। बेगम पारा ने 1940 और 1950 के बीच कई बॉलीवुड फिल्मों में काम किया। उनके बोल्ड फोटो शूट से लाइफ जैसी मैग्जीन की प्रतियां हाथों हाथ बिक जाती थी। कहा जाता है उस दौर में लोग लाइन लगाकर मैग्जीन स्टॉल पर किताबें खरीदते थे।

बॉलीवुड में पहली ‘ग्लैमर गर्ल’ का खिताब अगर किसी को जाता है तो वो नाम है बेगम पारा। जिन्होने ‘सोनी महिवाल’, नील कमल, ‘लैला-मजनू और ‘किस्मत का खेल’ जैसी फिल्मों में काम किया था। उस वक्त में जब सिगरेट पीना महिलाओं के लिए सपने में सोचने जैसी बात थी। उस दौर में बेगम का कश लेते हुए फोटोशूट कराना वाकई हिम्मत वाला काम था।

एक जमाने में जब सिनेमा जगत में सिर्फ दिलीप कुमार का नाम गूंजता था। उस वक्त में इस हिरोइन ने उनको खुला चैलेंज देते हुए कहती थीं कि वो अगर दिलीप कुमार हैं तो मैं भी बेगमम पारा हूं। बेगम ने बॉलीवुड अभिनेता दिलीप कुमार के छोटे भाई नासिर खान से निकाह किया था। कहा जाता है कि उनकी अपने जेठ दिलीप कुमार से ज्यादा नहीं बनती थी। उनके बेटे अयूब खान बॉलीवुड अभिनेता हैं।

बेगम पारा ने पहला फोटोशूट अपने दौर के फेमस फोटोग्राफर जेम्स बुर्के से कराया था। जो लाइफ मैगजीन के लिए था, जिसके बाद उन्हे पिन अप गर्ल के नाम से पुकारा जाता था। वो बॉलीवुड की फर्स्ट ‘Bombshell’ और ‘Pin Up Girl’ के नाम से मशहूर हो गई थीं।

एक इंटरव्यू में बेगम पारा ने कहा था कि  ”मैंने फिल्मों में इमोशनल और फैशनेबल दोनों तरह के किरदार निभाए। बोल्ड इमेज उस दौर में बहुत बड़ी बात होती थी। मैं पैन्ट्स, जींस और अनकन्वेंशनल ड्रेसेस पहनती थी। इसलिए हर फिल्म मैगज़ीन पर मेरी फोटो हुआ करती थी। मैं जानती थी कि मेरा फिगर बहुत शानदार है, ऐसे में अगर मैगजीन्स के लिए मुझसे बोल्ड पोज देने को कहा जाता था, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होती।”

झेलम पंजाब में पैदा हुईं बेगम पारा की परवरिश बीकानेर राजस्थान में हुई थी। उनके पिता उस वक्त बीकानेर के चीफ जस्टिस हुआ करते थे। जिनका नाम मिंया एहसान उल हक था। पारा के दस भाई बहन थे।

बेगम पारा युवा पीढ़ी के लिए मानो वे अंजान थी संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘सांवरिया’ पारा की आखिरी फिल्म थी, जिसमें वो सोनम कपूर की माँ के किरदार में नजर आईं थीं। संजय लीला भंसाली उन्हें सांवरिया में काम करने के लिए काम कराने के बाद अपनी अगली फ़िल्म हीरा मंडी के लिए लेना चाहते थे। लेकिन संजय लीला भंसाली की ये चाहत पूरी नहीं हो पाई। बेगम पारा ने 9 दिसंबर 2008 को 81 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।

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